HomeUncategorizedवाराणसी ग्रामीण: तपती धूप और घंटों बिजली कटौती ने छीना ग्रामीणों का...

वाराणसी ग्रामीण: तपती धूप और घंटों बिजली कटौती ने छीना ग्रामीणों का चैन*

वाराणसी के ग्रामीण इलाकों में इस समय आसमान से आग बरस रही है। सूरज की तपती किरणों और झुलसाने वाली लू ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है। ऐसे में जनता को सबसे ज्यादा उम्मीद बिजली से होती है, ताकि इस तपिश से थोड़ी राहत मिल सके। लेकिन वाराणसी के ग्रामीण क्षेत्रों से जो तस्वीरें और खबरें आ रही हैं, वो बेहद परेशान करने वाली हैं। एक तरफ जहां पारा रिकॉर्ड तोड़ रहा है, वहीं दूसरी तरफ घंटों की अघोषित बिजली कटौती ने ग्रामीणों को दोहरी मुसीबत में डाल दिया है।

 

*भीषण उमस और हवा के लिए तरस रहे लोग*

 

वाराणसी के ग्रामीण इलाकों में सुबह होते ही सूरज के तेवर तल्ख हो जाते हैं। दोपहर होते-होते सड़कें और बाजार सूने हो जा रहे हैं। इस भीषण गर्मी में जब लोगों को घरों में रहने की सलाह दी जा रही है, तब गांवों में घंटों तक बिजली गुल रहना आम बात हो चुकी है।

 

ग्रामीणों का कहना है कि बिजली कटने का कोई तय समय नहीं है। कभी तीन घंटे, तो कभी पांच-पांच घंटे लगातार लाइट गायब रहती है। रात के समय जब लोग दिनभर की थकान के बाद सोने की कोशिश करते हैं, तब भी घंटों की कटौती उनके हिस्से आती है। उमस और गर्मी के कारण लोग रात-रात भर जागने को मजबूर हैं।

 

* **बुजुर्गों और बच्चों की खराब हालत:**

इस भयानक उमस और गर्मी के कारण बच्चे और बुजुर्ग सबसे ज्यादा परेशान हैं। रात में नींद पूरी न होने से लोग बीमार पड़ रहे हैं।अघोषित कटौती के कारण कंक्रीट और एस्बेस्टस के मकान भट्टी की तरह तप रहे हैं, जिससे दिन के समय घरों के अंदर रुकना भी नामुमकिन हो गया है।

 

**उत्तम सवेरा न्यूज़ का सवाल**

सवाल यह उठता है कि जब सरकार और प्रशासन की तरफ से निर्बाध बिजली आपूर्ति के बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, तो धरातल पर ग्रामीण क्षेत्रों के साथ यह सौतेला व्यवहार क्यों? क्या वाराणसी के ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोगों को इस तपती धूप में ऐसे ही परेशान होने के लिए छोड़ दिया जाएगा?

 

बिजली विभाग के आला अधिकारियों को इस गंभीर समस्या का तुरंत संज्ञान लेना चाहिए और अघोषित कटौती पर रोक लगानी चाहिए ताकि ग्रामीणों को इस जानलेवा गर्मी से कुछ राहत मिल सके।

 

 

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments