HomeUncategorizedकाशी रोप-वे: ₹10 न्यूनतम और ₹50 अधिकतम किराया तय, अधिसूचना जारी

काशी रोप-वे: ₹10 न्यूनतम और ₹50 अधिकतम किराया तय, अधिसूचना जारी

**वाराणसी।** काशी के शहरी परिवहन को हाईटेक, प्रदूषण मुक्त और सुगम बनाने जा रही देश की पहली अर्बन पब्लिक ट्रांसपोर्ट रोप-वे परियोजना को लेकर उत्तर प्रदेश शासन ने किराए की आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी है। वाराणसी विकास प्राधिकरण (VDA) के अनुसार, इस सेवा का न्यूनतम किराया ₹10 और अधिकतम किराया ₹50 तय किया गया है। स्थानीय और नियमित यात्रियों को राहत देते हुए ‘काशी स्मार्ट पास’ पर 20% की विशेष छूट भी दी जाएगी।

 

 

### 📍 स्टेशन दरें: कैंट से गोदौलिया मात्र ₹50 में

 

रोप-वे के शुरू होने से कैंट रेलवे स्टेशन से गोदौलिया चौक तक का सफर, जो सड़क मार्ग से आधे घंटे से अधिक समय लेता था, अब मात्र 15 से 16 मिनट में पूरा हो सकेगा। शासन द्वारा तय की गई दरें इस प्रकार हैं:

 

* **न्यूनतम किराया:** ₹10 (विद्यापीठ से रथयात्रा)

* **अधिकतम किराया:** ₹50 (वाराणसी कैंट से गोदौलिया चौक)

* **काशी स्मार्ट पास धारकों के लिए विशेष छूट (20%):**

* कैंट से गोदौलिया: ₹40 (₹10 की सीधी बचत)

* विद्यापीठ से रथयात्रा: ₹8

 

 

* **वार्षिक वृद्धि:** हर साल 1 अप्रैल को किराए में 5 प्रतिशत की वृद्धि की जाएगी, जिसे ₹5 के निकटतम गुणांक (राउंड फिगर) में लागू किया जाएगा।

 

 

### 🎒 क्लॉक रूम और प्रीमियम गोंडोला की भी सुविधा

 

पर्यटकों और यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए स्टेशनों पर आधुनिक व्यवस्थाएं की गई हैं:

 

* **निःशुल्क क्लॉक रूम:** वाराणसी कैंट स्टेशन पर टिकट धारक यात्री शुरुआती 2 घंटे तक अपना सामान मुफ्त रख सकेंगे। इसके बाद 15 किलोग्राम तक के सामान पर ₹50 प्रति घंटा शुल्क लगेगा।

* **प्रीमियम गोंडोला सेवा:** विशेष पर्यटकों या वीआईपी ग्रुप्स के लिए प्रीमियम गोंडोला का किराया ₹2000 प्रति यात्रा होगा।

ग्रुप डिस्काउंट: किसी संस्था या समूह द्वारा एडवांस बुकिंग कराने पर प्रति गोंडोला किराया ₹1200 देय होगा

 

आधुनिक काशी की नई पहचान है यह प्रोजेक्ट

 

लगभग 3.75 किलोमीटर लंबे इस रूप-वे रूट पर **वाराणसी कैंट, विद्यापीठ, रथयात्रा और गोदौलिया चौक** सहित 4 आधुनिक स्टेशन बनाए गए हैं। इन स्टेशनों पर दिव्यांगजनों, वरिष्ठ नागरिकों और महिलाओं की सुविधा के लिए लिफ्ट, एस्केलेटर, सीसीटीवी निगरानी, फायर सेफ्टी और डिजिटल टिकटिंग जैसी वर्ल्ड-क्लास सुविधाएं मिलेंगी।

यह प्रोजेक्ट न केवल कैंट से श्री काशी विश्वनाथ धाम और दशाश्वमेध घाट जाने वाले पर्यटकों को जाम से मुक्ति दिलाएगा, बल्कि स्थानीय व्यापार, पर्यटन और शहरी अर्थव्यवस्था को भी एक नई रफ़्तार देगा।

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