HomeUncategorizedशिक्षक दिवस के अवसर पर शिक्षकों का हुआ सम्‍मान :सनत कुमार सिंह।

शिक्षक दिवस के अवसर पर शिक्षकों का हुआ सम्‍मान :सनत कुमार सिंह।

वाराणसी। शिक्षक दिवस के अवसर पर सनत कुमार सिंह वरिष्‍ठ जिला उपाध्‍यक्ष एवं अध्‍यक्ष उत्‍तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ वाराणसी की अगुवाई में विगत वर्षों की भॉंति शैक्षिक संगोष्‍ठी एवं शिक्षक सम्‍मान का आयोजन बी.आर.सी केशरीपुर वाराणसी में सम्‍पन्‍न हुआ। मुख्‍य अतिथि पूर्व विधायक रोहनियां माननीय सुरेन्‍द्र नारायण सिंह व विशिष्ट अतिथि खण्‍ड विकास अधिकारी डॉ रक्ष्‍िाता सिंह व खण्‍ड शिक्षा अधिकारी प्रदीप कुमार मिश्र द्वारा शिक्षक संघ द्वारा अनवरत किये जा रहे शिक्षक सम्‍मान समारोह व रक्‍तदान कार्यक्रम का भूरि-भूरि प्रशंसा किया गया। माननीय सुरेन्‍द्र नारायण सिंह ने कहा कि बेसिक के शिक्षक शिक्षा के क्षेत्र में काफी सराहनीय योगदान दे रहें हैं और माननीय मुख्‍यमंत्री जी द्वारा वर्ष २०१७ से विद्यालयों का कायाकल्‍प कराया जा रहा है। जिससे अब शिक्षकों को संसाधनों की कठिनाइयों का सामना नहीं करना पडेगा। शिक्षक दिवस पर सरकार द्वारा जगह जगह पूरे प्रदेश में शिक्षकों के सम्‍मान में आयोजन किया जा रहा है। निश्‍चित रूप से सम्‍मान पाने से शिक्षक और अधिक उत्‍साह से अपने कार्यो का सम्‍पादन करेगें। डॉ सर्वपल्‍ली राधाक़ृष्‍णन जी भारत वर्ष ही नहीं पूरे विश्‍व में शिक्षाविद् के रूप में सर्वमान्‍य हैं। प्रदीप कुमार मिश्र ने शिक्षकों को शुभकामनायें व्‍यक्‍त कर उनके दीर्घ आयु की कामना की है। माननीय सुरेन्‍द्र नारायण सिंह सहित अतिथियों के साथ सनत कुमार सिंह द्वारा काशी विद्यापीठ के कुल ३० शिक्षकों व ०५ अनुदेशकों व शिक्षामित्रों का माल्‍यार्पण कर सम्‍मान पत्र एवं जनपद के अन्‍य सभी विकास क्षेत्रों व नगर क्षेत्र से कुल २५ शिक्षकों का माल्‍यार्पण कर सम्‍मान पत्र व स्‍मृति चिन्‍ह व कलम इत्‍यादि भेट किया गया साथ ही कुल ७ सेवानिवृत शिक्षकों को अंगवस्‍त्रम कलम तुलसी माला व कलम इत्‍यादि भेट कर सम्‍मानित किया गया।
।।गुरू कुम्‍हार शिष्‍य कुम्‍भ है गढि गढि काढै खोट।। ।।अंदर हाथ सहार दे, बाहर मारे चोट।।
।।गुरू गोविन्‍द दोउ खडे काके लागे पाय।। ।।बलिहारी गुरू आपनों गोविन्‍द दियो बताय।।
से सभा गुन्‍जाय मान रहा। सनत कुमार सिंह, अनूप कुमार सिंह, सान्‍तेश्‍वर मिश्र, मनोज कुमार, दरोगा सिंह, संजय राय, कौशल सिंह, राजेश सिंह, श्रीपादवल्‍लभ वक्षी, डॉ सिद्धनाथ पाण्‍डेय, कामेश्‍वर दूबे, मिथिलेश राय, संदीप गौतम, डॉ प्रमोद पाण्‍डेय, संतोष सिंह, राजेन्‍द्र राय, प्रेमलता यादव, उषा सिंह, चन्‍दावती शर्मा, रीना सिंह द्वारा विचार व्‍यक्‍त किये गये। मंगलाचरण व संचालन संस्‍कृत के मर्मज्ञ डॉ सरोज कुमार पाण्‍डेय ने किया।

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