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धर्मस्थल तोड़े गए हैं, उसका हमें हक है कोर्ट के माध्यम से उसको वापस ले सके :-विष्णु जैन, ज्ञानवापी फैसले पर हिंदू पक्ष के वकील

उपासना स्थल विधेयक असंवैधानिक,रद्द हो…भाजपा विधि प्रकोष्ठ – अधिवक्ताओं ने गोष्ठी के माध्यम से निकाला निष्कर्ष, निष्कर्ष को भारत सरकार के पास भेजेंगे

वाराणसी | भारतीय जनता पार्टी विधि प्रकोष्ठ काशी क्षेत्र के तत्वाधान में प्लेसेज आफ वर्शिप एक्ट यानि उपासना स्थल अधिनियम 1991 पर एक गोष्टी का आयोजन हुआ।आयोजन के मुख्य अतिथि सर्वोच्च न्यायालय के अधिवक्ता विष्णु शंकर जैन रहे ।अध्यक्षता रोहनिया के निर्वतमान विधायक सुरेंद्र नारायण सिंह ने किया।
अस्सी क्षेत्र में होटल टेंपल के सभागार में आयोजन की शुरुआत मंगलाचरण से हुआ। संयोजक शशांक शेखर त्रिपाठी ने मुख्य अतिथि को अंगवस्त्रम् व स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया।विषय स्थापना करते हुये
नित्यानंद राय ने कहा कि उपासना स्थल अधिनियम 1991 विभेदकारी, असंवैधानिक है उसे रद्द किया जाय ।मुख्य अतिथि विष्णु जैन ने कहा कि एक तरफ जहां उपासना स्थल अधिनियम के जरिये बहुसंख्यक समाज के गुलामी के दौर में जो उपासना स्थल तोङ दिये गये उनको प्राप्त करने के कानुनी रास्तो को बन्द कर दिया गया

वहीं वक्फ एक्ट बनाकर कथित अल्पसंख्यक वर्ग के लोगों को किसी भी जमीन को वक्फ सम्पत्ति घोषित करने का अधिकार दे दिया गया ।


यहीं नहीं उनके मुतवल्लियो को पब्लिक सर्वेन्ट मानकर उन्हें विशेषाधिकार दे दिये गये।कार्यक्रम में वरिष्ठ अधिवक्ता मुरलीधर सिंह ,रूद्र पाठक,अखिलेश पांडे, गंगेश्वर मिश्रा,नागेश पांडेय, मिलिंद श्रीवास्तव,सौरभ सिंह, मदन मिश्रा,अभय कुमार दीक्षित ,शशि भूषण पांडे ,हरिशंकर

पांडे मनेंद्र उपाध्याय, राघव नारायण दुबे, संजीव चौरसिया,सुरेश बहादुर सिंह ,रौशन गुजराती,मदन मोहन पांडे,मदन मिश्रा ,कुलदीप कुमार पासवान, अंकित गुप्ता ,रमेश कुमार यादव महेश प्रसाद पांडे अजीत सिंह ,कौशल दुबे,आदि उपस्थित रहे ।सभा का संचालन बनारस बार के पूर्व महामंत्री नित्यानंद राय राय ने किया। धन्यवाद ज्ञापन दुर्गा सेठ ने किया।सभा के बाद निकले निष्कर्ष को भारत सरकार के पास भेजा जायेगा।

फोटो:वीडियो: अशोक पाण्डेय (उत्तम सवेरा न्यूज़, मीडिया प्रभारी, उत्तर प्रदेश)

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